संदर्भ ही सब कुछ है

हमारा मानना है कि भाषा अर्थ से सीखी जाती है, रटने से नहीं।

हमारी टीम से मिलिए

Matthew Carter, WireLingo के संस्थापक
संस्थापक और CEO

Matthew Carter

मैंने 13 साल पहले The Chairman's Bao शुरू किया था, जब चीन में रहते हुए मेरा लगभग 7वाँ साल चल रहा था। ख़बरों के ज़रिए चीनी सिखाने वाले सबसे पहले प्लेटफ़ॉर्म में यह भी एक था। अब मैं WireLingo बना रहा हूँ, ताकि यह उससे 10 गुना बेहतर हो।

चीन में 10 सालअमेरिका में 2 सालजर्मनी में 1 सालस्पेन में 1 सालवियतनाम में 6 महीनेThe Chairman's Bao के संस्थापक
Simon Thomas, WireLingo के सह-संस्थापक
सह-संस्थापक

Simon Thomas

WireLingo में बरसों का कारोबारी अनुभव और रणनीतिक सोच लेकर आए हैं। उनका सपना है कि भाषा सीखना दुनिया भर में हर किसी की पहुँच में हो।

स्पेन में 10 साल रहेचीन में 5 साल रहेदक्षिण कोरिया में 3 साल रहे
Rachel Huck

Rachel Huck

डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर

चीन में 2 साल

Gareth Torrance

Gareth Torrance

GEO और SEO मैनेजर

हमारा मिशन

WireLingo का मकसद है कि भाषा सीखना रटाई वाला उबाऊ काम न रहे, बल्कि डूबकर सीखने का एक सार्थक अनुभव बन जाए। हम शिक्षार्थियों को दुनिया भर की असली ख़बरों से जोड़ते हैं, ताकि वे भाषाएँ वैसे ही सीखें जैसे उन्हें सीखा जाना चाहिए: संदर्भ, संस्कृति और असल ज़िंदगी में इस्तेमाल के ज़रिए।

जिन विषयों में आपकी दिलचस्पी है, उन पर लेख पढ़ते हुए आप शब्दावली, व्याकरण के पैटर्न और सांस्कृतिक बारीकियाँ सहज ही अपना लेते हैं, पारंपरिक तरीकों की बनावटी रुकावटों के बिना।

पारंपरिक तरीके कहाँ चूक जाते हैं

अलग-थलग शब्दावली

अलग-थलग शब्द सीखने से यह पता नहीं चलता कि उन्हें कब और कैसे इस्तेमाल करें। असली भाषा अर्थ, संस्कृति और मकसद में रची-बसी होती है।

बनावटी अभ्यास

व्याकरण के नियम रटना और रिक्त स्थान भरने वाले अभ्यास आपको असली बातचीत या असली सामग्री के लिए तैयार नहीं करते।

सांस्कृतिक संदर्भ की कमी

भाषा की पाठ्यपुस्तकें वह समृद्ध सांस्कृतिक संदर्भ हटा देती हैं, जो शब्दों को उनका असली अर्थ और महत्व देता है।

उबाऊ सामग्री

कॉफ़ी ऑर्डर करने या अपना परिचय देने जैसे घिसे-पिटे पाठ शिक्षार्थियों को उन विषयों से नहीं जोड़ पाते, जिनमें उनकी सच में दिलचस्पी है।

WireLingo का तरीका

असली सामग्री

मूल वक्ताओं के लिए, मूल वक्ताओं के लिखे असली समाचार लेख पढ़िए। भाषा को वैसे ही अनुभव कीजिए, जैसे आज दुनिया में उसका सच में इस्तेमाल होता है।

सार्थक संदर्भ

हर शब्द, वाक्यांश और व्याकरण पैटर्न एक समृद्ध, सार्थक संदर्भ में सामने आता है। सिर्फ़ यह नहीं कि शब्दों का मतलब क्या है, यह भी समझिए कि उन्हें कब और क्यों इस्तेमाल करें।

आपके हिसाब से सीखना

वे विषय चुनिए जिनमें आपकी दिलचस्पी है, और कठिनाई का ऐसा स्तर जो चुनौती दे, पर बोझ न बने। आपकी जिज्ञासा ही आपके सीखने की राह तय करती है।

टिकाऊ प्रगति

भाषा पर ऐसी सच्ची पकड़ बनाइए जो टिकी रहे। जब आप संदर्भ और अर्थ से सीखते हैं, तो ज्ञान बिना ज़बरदस्ती दोहराए अपने आप याद रहता है।

हमारा सपना

हम ऐसी दुनिया का सपना देखते हैं जहाँ भाषा सीखना दीवार नहीं, पुल हो: जहाँ हर कोई उन भाषाओं के सहारे, जो उसे आती हैं, दुनिया भर के ज्ञान, संस्कृतियों और नज़रियों तक पहुँच सके।

भाषा सीखने को ज़्यादा स्वाभाविक, दिलचस्प और असरदार बनाकर हम शिक्षार्थियों को सच्चे विश्व-नागरिक बनने में मदद कर रहे हैं, जो अलग-अलग संस्कृतियों के बीच सोच, पढ़ और बातचीत कर सकें।

हमारे समुदाय से जुड़िए

संदर्भ में डूबकर सीखने की शुरुआत आज ही कीजिए। न रटाई, न फ़्लैशकार्ड, बस असली संदर्भों में असली भाषा।